Sunday, 17 September 2017

दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा डैम सरदार सरोवर बांध, देश की प्रगति का इतिहास

       अहमदाबाद। सरदार सरोवर बांध के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को एक बड़ी सौगात दी। यह सौगात निश्चय ही देश का इतिहास बनेगी। अमरीका के ग्रांड कोली डैम के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा डैम सरदार सरोवर बांध है। 

   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के दभोई में सरदार सरोवर बांध को भारत की नई और उभरती ताकत का प्रतीक बताया है। मोदी ने अमरेली में एपीएमसी बाजार यार्ड का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 125 करोड़ की ताकत से न्यू इंडिया बनेगा। मुझे जन्मदिन की बधाई देने वालों का दिल से आभार। सरदार सरोवर बांध देश की प्रगति का इतिहास बनेगा।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मोदी ने कहा कि सरदार पटेल ने सबसे पहले इस बांध के निर्माण का सपना देखा था। सरदार पटेल की आत्मा आज हमे आशीर्वाद दे रही होगी। वर्ल्ड बैंक ने इस बांध के लिए पैसा देने से इंकार कर दिया था।
     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह बांध किसानों का भाग्य बदल देगा। मैंने गुजरात में पानी का दर्द महसूस किया। विकास की राह में सबसे ज्यादा अड़चनें पानी ने पैदा की। इस बांध के लिए गुजरात का संत समाज आगे आया। गुजरात के मंदिरों और मठों से इस बांध के लिए दान मिला। 
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नर्मादा का पानी पारस है। हमने कभी इस बांध को सियासी मुद्दा नहीं बनने दिया। इस बांध में इंजीनियरिंग का करिश्मा है। भारत में जलक्रांति का श्रेय अंबेडकर को है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आपके सपनों को साकार करके दिखाऊंगा। इस मौके पर मोदी ने मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज चौहान और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़नवीस का आभार जताया।
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 67 वें जन्मदिन पर सबसे पहले अपनी मां हीराबेन का आशीर्वाद लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरदार सरोवर बांध देश को समर्पित किया। इस बांध की आधारशिला देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने रखी थी। मोदी अपनी दो पसंदीदा परियोजनाओं सरदार सरोवर बांध और सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति में बनाए गए स्टेचू ऑफ यूनिटी का दौरा किया। 182 मीटर ऊंची प्रतिमा बनाने में प्रधानमंत्री ने ही अग्रणी भूमिका निभाई थी। 
     वह सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने का भी लगातार समर्थन करते रहे। हाल ही में बांध की ऊंचाई 138.68 मीटर तक बढ़ाई गई। बांध की ऊंचाई बढ़ने से इसकी क्षमता हुई वृद्धि का लाभ गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को मिलेगा। 
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बांध से 6 हज़ार मेगावाट बिजली पैदा होगी जो कि गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में वितरित होगी। इससे उत्पन्न होने वाली 57ऽ बिजली महाराष्ट्र में, 27ऽ मध्य प्रदेश और शेष गुजरात को मिलेगी।
   सिंचाई और पानी की आपूर्ति के मामले में इस परियोजना से राजस्थान को भी कुछ लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हाल ही में बांध की उंचाई को 138.68 मीटर तक बढ़ाई गई है। इसमें 4.73 मिलियन क्यूबिक पानी संचय करने की क्षमता है। 
     इस बांध के 30 दरवाजे हैं और हरेक दरवाजे का वजन 450 टन है। हरेक दरवाजे को बंद करने में करीब एक घंटे का समय लगता है। नर्मदा नदी पर बनने वाले 30 बांधों में से सरदार सरोवर सबसे बड़ी बांध परियोजना है। इसके जरिए 9,000 गांवों को पानी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
      गुजरात के लिए अहम सरदार सरोवर बांध परियोजना के पूरा होने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के खाते में जाता नजर आ रहा है। बांध व नहर परियोजना को लेकर काफी सक्रिय रहे मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 51 घंटे का उपवास भी किया था।
     इस परियोजना के निर्माण के लिए मांग के अनुसार भारतीय स्टील प्राधिकरण लिमिटेड ने 80 प्रतिशत स्टील उपलब्ध कराया है। सर्वाधिक प्रतिष्ठित एवं महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजना में भारतीय स्टील प्राधिकरण की हिस्सेदारी रही है।
    सेल ने इस उल्लेखनीय सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड की परियोजना के लिए लगभग 85 हजार टन स्टील उपलब्ध कराया है। सरदार सरोवर परियोजना विश्व में दूसरा सबसे बड़ा गुरूत्व बांध है। यह विश्व में तीसरा सबसे लंबा स्पिलवे निर्हवन क्षमता से युक्त बांध है। सरदार सरोवर बांध गुजरात में नवाग्राम में नर्मदा नदी पर बनाया गया है।
      इससे 4 राज्यों गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान लाभान्वित होंगे। नर्मदा घाटी परियोजना के एक भाग के रूप में इससे सिंचाई और बिजली आपूर्ति में मदद मिलेगी। नर्मदा नदी पर बहुद्देशीय सिंचाई एवं हाइड्रोलिक परियोजनाओं की श्रृंखला में यह सबसे लंबी हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग परियोजना है। सरदार सरोवर बांध का ढांचा सबसे बड़ा है।
       इस परियोजना से कच्छ और सौराष्ट्र के अधिकतर सूखाग्रस्त क्षेत्रों में 18 हजार (190 हजार स्कॉयर फीट क्षेत्र) में सिंचाई हो सकेगी। इससे 1,450 मेगावॉट बिजली सुविधा मुहैया की जा सकेगी। सेल ने सरकार की कई विशिष्ट परियोजनाओं में स्टील की आपूर्ति की है।

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