वैश्विक अभिशाप : हवाला हो या हथियारों व ड्रग्स से संबंधित मनी हो
स्विस कॉन्फ़ेडरेशन के राष्ट्राध्यक्ष की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत आपके लिए नया नहीं है, आप पहले भी कई बार भारत की यात्रा कर चुकी हैं। परन्तु राष्ट्रपति के रूप में आपकी ये यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब हम भारत की स्वतंत्रता के 70 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं। सात दशक पूरे होने का भी समय है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि आपकी इस यात्रा से आपको उसी गर्मजोशी, और आतिथ्य का अनुभव होगा जो हमें 2016 में अपनी स्विटजरलैंड यात्रा के दौरान मिला था। मुझे ये देखकर हार्दिक प्रसन्नता होती है कि दोनों ही पक्षों की इच्छा सभी स्तरों पर घनिष्ठ संबंध बनाए रखने की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज हमने दिव्पक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक विषयों पर व्यापक और सार्थक चर्चा की है। इस यात्रा से, हमारे मजबूत द्विपक्षीय संबंध और आगे बढ़े हैं। भौगोलिक प्रसार और निरस्त्रीकरण जैसे विषय भारत और स्विटजरलैंड दोनों के लिए ही बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह बहुत ही स्वागत योग्य कदम है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया के सामने चिंता का एक गहन विषय है। चाहे वह हवाला हो या हथियारों और ड्रग्स से संबंधित मनी हो। इस वैश्विक अभिशाप से निपटने के लिए स्विट्जरलैंड के साथ हमारा सहयोग जारी है। आर्थिक संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार है और भारत निवेशकों का विशेष रूप से स्वागत करता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इस संदर्भ में, हम एक नई द्विपक्षीय निवेश संधि पर बातचीत जारी रखने की आवश्यकता पर सहमत हुए हैं।भारत की वृद्धि और विकास में सहभागी बनने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनियों के पास अनेक अवसर हैं। आज दोनों देशों के साथ हमारी बातचीत के दौरान हमने ये महसूस किया कि उनमें, परस्पर लाभ के लिए लगातार बढ़ाते रहने की पुरजोर इच्छा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारतीय पारंपरिक औषधियां, विशेषकर आयुर्वेद को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। मुझे खुशी है कि स्विट्जरलैंड ने आयुर्वेद को मान्यता दी है तथा इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में और अधिक सहयोग के लिए उत्सुक है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हम पेरिस समझौते को लागू करने की जरूरत पर और इसके कार्यान्यवन के तौर-तरीके विकसित करने के लिए साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए।भारत को अपनी बढ़ती हुई जरूरतों को पूरा करने के लिए सदस्यता से मदद मिलेगी।

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