Thursday, 10 August 2017

अब राज्यसभा में दिखेगा अमित शाह का रणनीतिक प्रबंधन !

       भारतीय जनता पार्टी के रणनीतिकार अमित शाह ने बतौर अध्यक्ष भी तीन साल का कार्यकाल पूर्ण किया। रणनीतिकार एवं अध्यक्ष। अमित शाह दोनो ही तौर पर कामयाब दिखे। 

  अब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यसभा में भी बतौर सदस्य पहंच गये। भारतीय जनता पार्टी के संरक्षक मण्डल के वरिष्ठ एवं पूर्व अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवानी ने भाजपा को हिन्दुत्व की मुख्यधारा से जोड़ा तो वहीं भाजपा को हिन्दुत्व की हार्टबीट बना दिया। 
      मौजूदा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा के कैनवास को रणनीतिक गुणा भाग से पूर्वोत्तर से दक्षिण तक ले गये। असम, मणिपुर, अरुणाचल आदि में भाजपा की धमक दिखी। अध्यक्ष अमित शाह कुशल रणनीतिकार के तौर पर दिख रहे। लिहाजा रणनीतिकार अमित शाह को राज्यसभा में बतौर सदस्य उच्च सदन में भेजना भी रणनीति का हिस्सा है।
       जिससे उच्च सदन में भाजपा अमित शाह के कुशल प्रबंधन एवं कुशल रणनीति का लाभ उठा सके। गौरतलब है कि गोवा, मणिपुर एवं अरुणाचल में पर्याप्त बहुमत न होने के बावजूद अमित शाह का कुशल प्रबंधन सरकार बनाने में कामयाब रहा तो अब यही सब देख कर भाजपा उच्च सदन में कुशल प्रबंधन एवं कुशल रणनीतिकार के तौर पर अमित शाह को लाई है जिससे उच्च सदन में भाजपा की प्रखरता दिखे।
      उच्च सदन में भी भाजपा ताकतवर हो। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण में केरल तक पार्टी की धमक दिखा कर यह तो साबित कर दिया कि वह एक कुशल रणनीतिकार हैं। 
       सरकार में भाजपा के कद्दावर नेता वेंकैया नायडू को उप राष्ट्रपति बना कर अपेक्षित सम्मान दे दिया लेकिन सरकार में नायडू का रिक्त स्थान संभालने वाला कोई प्रखर एवं क्षमतावान नेता चाहिए लिहाजा संभावना है कि अमित शाह के कुशल प्रबंधन को देखते हुये सरकार में कोई महत्वपूर्ण मंत्रालय का उत्तरदायित्व सौंप दिया जाये। जिससे सरकार में भी उनकी प्रखरता दिखे।       

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