Wednesday, 30 August 2017

बांध सुरक्षा क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाने के लिए समझौता

     केंद्रीय जल आयोग ने विभिन्‍न कार्यान्वयन एजेंसियों और सीडब्‍लयूसी के बांध पुनर्वास प्रयासों में सहायता के लिए एनआईटी कालीकट और एनआईटी राउरकेला के साथ समझौता पर हस्‍ताक्षर किए हैं।

    जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय ने विश्‍व बैंक की सहायता वाली बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (डीआरआईपी) के जरिए बांध सुरक्षा के क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाने के लिए चयनित प्रमुख अकादमिक और अनुसंधान संस्‍थानों को बोर्ड में शामिल किया है। इसके तहत संस्‍थानों के संकायों की जांच प्रयोगशालाएं सुदृढ़ करना, विशलेषणात्‍मक क्षमताएं बढ़ाना, सर्वश्रेष्‍ठ वैश्विक संस्‍थानों का दौरा करना और बांध स्‍थलों की सुरक्षा शामिल है। 
     सीडब्‍लयूसी ने जनवरी 2017 में आईआईटी मद्रास और आईआईएससी बैंगलूरू के साथ भी समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए थे। मंत्रालय इन संस्‍थानों की जांच और मॉडलिंग क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष उपकरण तथा सॉफ्टवेयर खरीद में सहायता करता है। 
           डीआरआईपी सात राज्‍यों में 225 बांधों के पुनर्वास में सहायता कर रहा है जिसमें उसे विभिन्‍न स्‍तरों पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन बांधों के मालिकों को बांध की स्थिति की जांच करने और पुनर्वास प्रयासों में सहायता के लिए तकनीकी मदद की आवश्‍यकता है। 
     भारत सरकार ने बांध सुरक्षा क्षेत्रों में चुने गए प्रमुख अकादमिक संस्‍थानों की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है ताकि वे बांध स्‍थल पर जाकर सामग्री की जांच कर सके और बांध पुनर्वास प्रयासों में बांध मालिकों को प्रशिक्षण और परामर्श दे सकें।

No comments:

Post a Comment