Friday, 4 August 2017

रेल की 103 विद्युतीकरण परियोजनाओं को मंजूरी, लागत 17,615 करोड़

         रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु भारतीय रेल के ‘मिशन विद्युतीकरण’ और ‘प्रथम ईपीसी’ (इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट कन्सट्रक्शन) के संबंध में हितधारकों के साथ समझौते के आदान-प्रदान के अवसर पर मुख्य अतिथि थे। रेल राज्य मंत्री एवं संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे।

        रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ए. के. मित्तल, सदस्य (ट्रैक्शन) घनश्याम सिंह सहित रेलवे बोर्ड के अन्य सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इस अवसर पर रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि भारतीय रेल संरचना निर्माण और विद्युतीकरण पर जोर दे रही है। पिछले चार वर्षों के दौरान 16,815 रूट किलोमीटर पर कुल 103 विद्युतीकरण परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिसकी अनुमानित लागत 17,615 करोड़ रुपये है।
     भारतीय रेल ने पहली बार विद्युतीकरण परियोजनाओं के लिए एजेंसिओं के साथ साझेदारी की है। इस तरह इरकॉन, राइट्स और पीजीसीआईएल को 1735 रूट किलोमीटर परियोजनाएं सौंपी गई हैं। इस अवसर पर रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि रेलवे ने सुरेश प्रभाकर प्रभु के नेतृत्व में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। परियोजनाओं को तेजी के साथ कार्यान्वित किया जा रहा है। 
     उन्होंने कहा कि मिशन विद्यतीकरण रेलवे में आमूल बदलाव लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे ट्रैक्शन बिल में कमी आयेगी और रेलवे का संचालन बेहतर तरीके से होगा। 4000 रूट किलोमीटर के विद्युतीकरण की महत्वाकांक्षी योजना से उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण की रक्षा होगी। रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैक्शन) घनश्याम सिंह ने कहा कि भारतीय रेल भारत सरकार की कार्बन को कम करने की नीति के तहत काम कर रही है। 
     अगले पांच वर्षों के दौरान लगभग सभी बड़ी लाइनों का विद्युतीकरण कर लिया जाएगा। इस तरह 2020-21 से ईंधन बिल में 3300 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की कमी आ जाएगी। भारतीय रेल ने रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु के मार्गदर्शन में 3 नवम्बर, 2016 को मिशन विद्युतीकरण शुरू किया था, जिसके तहत 24,400 रूट किलोमीटर के विद्यतीकरण की योजना है। 
        इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सफल बनाने के लिए भारतीय रेल ने रेल विकास निगम लिमिटेड, इरकॉन और राइट्स के अलावा पॉवरग्रिड कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड को भी विद्युतीकरण का काम सौंपा है। कम समय में ही मिशन विद्युतीकरण के अंग के रूप में हाल में 10 विभिन्न विद्युतीकरण परियोजनाएं शुरू कर दी गई हैं। इनके तहत 2797 करोड़ रुपये की लागत से 2516 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण किया जाना है।

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