Wednesday, 7 June 2017

भारत का सीफूड निर्यात 5.78 अरब अमरीकी डॉलर रहा

अंतरराष्‍ट्रीय बाजारों में फ्रोजन झींगा और फ्रोजन मछली की भारी मांग के मद्देनजर, भारत ने 2016-17 में अब तक का सबसे ज्‍यादा 5.78 अरब अमरीकी डॉलर (37,870.90 करोड़ रूपये) मूल्‍य का 11,34,948 मीट्रिक टन सीफूड का निर्यात किया, जो एक साल पहले 9,45,892 टन और 4.69 अरब डॉलर था।

     अमरीका और दक्षिण पूर्व एशिया लगातार सबसे ज्‍यादा आयात करने वाले देशों में रहे, जबकि यूरोपीय संघ से मांग में भी इस अवधि में इजाफा हुआ है। फ्रोजन झींगा निर्यात किए जाने वाली चीजों में 38.28 प्रतिशत के साथ सबसे ऊपर रहा। इससे 64.50 प्रतिशत (डॉलर में) कुल आय हुई। झींगा का निर्यात मात्रा में 16.21 प्रतिशत बढ़ा और डॉलर में 20.33 प्रतिशत। फ्रोजन मछली सबसे ज्‍यादा निर्यात की जाने वाली चीजों में 26.15 प्रतिशत के साथ दूसरे स्‍थान पर रही। इससे 11.64 प्रतिशत (डॉलर में) आय हुई। इसमें 26.92 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 
               अमरीका ने 1,88,617 मीट्रिक टन भारतीय सीफूड का आयात किया।  दक्षिण पूर्व एशिया 29.91 प्रतिशत के साथ (अमरीकी डॉलर में) भारत के समुद्री उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। इसके बाद यूरोपीय संघ (17.98 प्रतिशत ), जापान (6.83 प्रतिशत), मध्य पूर्व (4.78 प्रतिशत) चीन (3.50 प्रतिशत ) और अन्य देशों में (7.03 प्रतिशत ) रहा। दक्षिण पूर्व एशिया में कुल निर्यात मात्रा में 47.41 प्रतिशत, आय में 52.84 प्रतिशत रुपये में और 49.90 प्रतिशत डॉलर में वृद्धि हुई। 
        वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "एल वानैमी के उत्‍पादन में वृद्धि, मत्स्यपालन प्रजातियों के विविधीकरण, गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए किए गए निरंतर उपायों और मूल्यवर्धित उत्पादों के उत्पादन के लिए आधारभूत सुविधाओं में वृद्धि के कारण सीफूड के निर्यात में भारत की सकारात्‍मक वृद्धि हुई।"

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