चीन सहित दुनिया के देश चखेंगे अब भारतीय आम का स्वाद
चीन, ईरान, जापान, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, कोरिया गणराज्य और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के 21 प्रमुख आयातकों ने एपीडा द्वारा आयोजित आम क्रेता-विक्रेता बैठक (बीएसएम) में भाग लिया।
देश भर के 100 से भी ज्यादा निर्यातकों ने इस क्रेता-विक्रेता बैठक में हिस्सा लिया। चीन की एक प्रमुख आयातक मेसर्स डालियान इदू ने भारतीय निर्यातकों के साथ बातचीत की और पेशकश किये गये भारतीय आम पर अच्छी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कुछ प्रमुख निर्यातकों जैसे कि मेसर्स बॉम्बे एक्सपोर्ट्स, मेसर्स असर ब्रदर्स, केइबी एक्सपोर्ट्स ने बीएसएम के दौरान अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के बारे में जानकारी दी। इस बैठक की एक खास बात यह भी रही कि इस दौरान आम की विभिन्न वाणिज्यिक किस्मों जैसे कि अल्फांसो, केसर, बंगानपल्ली, दशहरी, लंगड़ा, चौसा इत्यादि के लुभावने नमूने पेश किये गये।
इसी तरह स्थानीय स्वदेशी किस्मों जैसे मल्लिका, पीटर, रुमानी, नीलम, हिममपसंद, अरकाअनमोल, फजली इत्यादि के नमूने भी बैठक के दौरान पेश किये गये। दस आम उत्पादक राज्यों के राज्य बागवानी विभागों ने अपने-अपने यहां उगाये जाने वाले आमों की विभिन्न किस्मों को प्रदर्शित किया। इन राज्यों को आमों की विभिन्न किस्मों को प्रदर्शित करने के लिए स्टॉल भी उपलब्ध कराये गये। एपीडा ने अपने पवेलियन में ताजे फलों की विस्तृत रेंज प्रदर्शित की, ताकि आयातकों को ताजे फलों के रूप में भारत की पेशकश से आयातक परिचित हो सकें। इसके अलावा आम के अनेक मूल्य वर्धित उत्पादों जैसे कि मैंगो पल्प, अचार, चटनी, जैम एवं जेली, जूस इत्यादि को भी इस दौरान प्रदर्शित किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में अपर सचिव आलोक वर्धन चतुर्वेदी ने किया और इस अवसर पर एपीडा के चेयरमैन डी. के. सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव डॉ. शकील पी अहमद, कर्नाटक राज्य आम विकास एवं विपणन निगम के प्रबंध निदेशक कादिर गौड़ा, आंध्र प्रदेश के बागवानी आयुक्त चिरंजीव चौधरी, पश्चिम बंगाल की बागवानी आयुक्त सुश्री मुधमिता सिन्हा रे और विभिन्न राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारीगण भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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