Friday, 5 May 2017

उज्‍ज्‍वला के 2.20 करोड़ एलपीजी कनेक्‍शन जारी

           पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) धर्मेन्‍द्र प्रधान ने यहां पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की एक प्रमुख स्कीम प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना (पीएमयूवाई) के बारे में मीडिया को विस्‍तृत जानकारी दी। 

          प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना ने नये एलपीजी कनेक्‍शन मुहैया कराने के मामले में वित्त वर्ष 2016-17 के लिए तय लक्ष्‍यों को पार कर लि‍या है। उन्‍होंने कहा कि गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन कर रहे परिवारों के लिए इस योजना को लांच करने के प्रथम वर्ष में 2.20 करोड़ से ज्‍यादा एलपीजी कनेक्‍शन दिये गये हैं। एसईसीसी 2011 के डेटा से यह जानकारी उभर कर सामने आई है। 

          यह वित्त वर्ष के लिए तय 1.5 करोड़ कनेक्‍शनों के लक्ष्‍य से अधिक है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 1 मई, 2016 को उत्‍तर प्रदेश के बलिया में प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना का शुभारंभ किया था। वित्त वर्ष 2016-17 में तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने देश भर में 3.25 करोड़ नये कनेक्‍शन दिये हैं। यह किसी भी वर्ष में अब तक जारी किये गये सर्वाधिक कनेक्‍शन हैं। 

           उन्‍होंने कहा कि आज सक्रिय एलपीजी उपभोक्‍ताओं की कुल संख्‍या 20 करोड़ के पार चली गई है। यह वर्ष 2014 में आंके गये 14 करोड़ सक्रिय एलपीजी उपभोक्‍ताओं की तुलना में काफी अधिक है। प्रधान ने कहा कि देश में एलपीजी की मांग में 10 फीसदी से ज्‍यादा की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले तीन वर्षों में 4600 से ज्‍यादा नये वितरक बने हैं, जो मुख्‍य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से वास्‍ता रखते हैं। प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना के क्रियान्‍वयन से जुड़ी मुख्‍य बातों का उल्‍लेख करते हुए प्रधान ने कहा कि 50 फीसदी नये उपभोक्‍ता रिफिल के लिए वापस आ चुके हैं। इस योजना के लगभग 38 फीसदी लाभार्थी एससी-एसटी श्रेणी के हैं। 

           उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना को भागीदारी मोड में क्रियान्वित किया गया है जिनमें लाभार्थी, निर्वाचित प्रतिनिधि, प्रतिष्‍ठि‍त हस्तियां, स्‍थानीय प्रशासन इत्‍यादि शामिल हैं। इस योजना को लोकप्रिय बनाने और लाभार्थियों को सुरक्षा मानकों के बारे में जागरूक करने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में प्रचार-प्रसार की विशेष संचार रणनीति पर अमल किया गया। इसमें संचार के समस्‍त माध्‍यमों का इस्‍तेमाल किया गया और इस योजना के क्रियान्‍वयन की निगरानी की भी व्‍यवस्‍था की गई है। प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना ने एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है और बड़ी संख्‍या में लाभार्थी अपने यहां एलपीजी सिलेंडर की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवेदन कर रहे हैं। 

           प्रधान ने सुरक्षा एवं एलपीजी के सुरक्षित उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना के समस्‍त लाभार्थियों के घरों में मैकेनिक के जरिए एलपीजी सिलेंडर लगवाने जैसे उपाय किये जा रहे हैं, ताकि लाभार्थियों को एलपीजी के सुरक्षित एवं समुचित उपयोग के बारे में सही ढंग से बताया जा सके। इसी तरह प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना के लाभार्थियों के लिए देश भर में नियमित रूप से सुरक्षा क्लिनिक-शिविर आयोजित किये जा रहे हैं, जिससे कि उन्‍हें एलपीजी के सुरक्षित उपयोग के बारे में अवगत कराया जा सके। मंत्री ने यह कहते हुए अपने संबोधन का समापन किया, ‘महिलाओं को मिला सम्‍मान, यही है उज्‍ज्वला की पहचान।’  

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