Thursday, 6 April 2017

बौद्धिक ईमानदारी महत्‍वपूर्ण

           पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायतें, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि बौद्धिक ईमानदारी बौद्धिक विचार जितनी ही महत्वपूर्ण हैं और बौद्धिक क्षेत्र में अधिकांश संघर्ष तब पैदा होते हैं जब विचार ईमानदारी रहित होता है और बाहरी विचारों से प्रभावित होता है।

             विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा प्रसार भारती के सहयोग से आयोजित "कम्युनिकेटिंग इंडिया" विषय पर आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में दिए गए अपने उद्घाटन भाषण में डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि एक स्‍थिर आत्‍मविश्‍लेषण के साथ महत्‍वपूर्ण आंतरिक विश्‍लेषण से ही आखिरकार एक निष्पक्ष विश्वास या दृढ़ निश्‍चय प्राप्‍त होता है। युवा आकांक्षा को समकालीन भारत की विचार प्रक्रिया को निर्धारण करने वाला प्रमुख कारक बताते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने युवाओं से दृढ़ विश्वास के मूल से अपने मूल विश्वास को लेने की अपील की। डॉ. जितेंद्र सिंह के व्याख्यान के बाद सुस्‍पष्‍ट वार्ता हुई जिसमें विभिन्‍न शैक्षिक संकायों के युवाओं ने बड़े उत्‍साह से भाग लिया।

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